"बस दुआ करते है.........."
जिंदगी है क्या ?
बस एक ऐसा दिया है ,
जो एक हाँवा का झोका आकर पल भर में बुझा सकता है I
किसी से भी कुछ किया नही जा सकता ,
बस हाथ से गिरता रेत, वो जो है I
नसीब है तो जिंदगी है आबाद,
वरना रह जायेगी वो, बनके सिर्फ एक हसीन ख्वाब I
बस एक बार हट जाए यह दुखों का बादल ,
और सूरज की किरण आ फैलादे हरियाली ,
तो बन जाए हर दिन हर एक के लिए खुशियों की दीवाली I
बस दुआ है ... मौला !
ज़िन्दगी इतनी वीरान न बना देना कि
बंजर ज़मीन पे आस का एक तिनका भी न उग पाए I
और इतना भी हमे थका न देना कि
कल की सुबह भी हमें नसीब न हो पाए I
इतने अँधेरे में न धकेल देना, कि
बचने का रास्ता खुला होकर भी
हमें कोई मार्ग दिख न पाए I
श्रीदा मुणडाणि I
जिंदगी है क्या ?
बस एक ऐसा दिया है ,
जो एक हाँवा का झोका आकर पल भर में बुझा सकता है I
बस हाथ से गिरता रेत, वो जो है I
नसीब है तो जिंदगी है आबाद,
वरना रह जायेगी वो, बनके सिर्फ एक हसीन ख्वाब I
बस एक बार हट जाए यह दुखों का बादल ,
और सूरज की किरण आ फैलादे हरियाली ,
तो बन जाए हर दिन हर एक के लिए खुशियों की दीवाली I
बस दुआ है ... मौला !
ज़िन्दगी इतनी वीरान न बना देना कि
बंजर ज़मीन पे आस का एक तिनका भी न उग पाए I
और इतना भी हमे थका न देना कि
कल की सुबह भी हमें नसीब न हो पाए I
इतने अँधेरे में न धकेल देना, कि
बचने का रास्ता खुला होकर भी
हमें कोई मार्ग दिख न पाए I
श्रीदा मुणडाणि I